IPv4 और IPv6 क्या है और इनके बीच की अंतर को जानिए – Difference between IPv4 and IPv6 in Hindi

difference between ipv4 and ipv6 in hindi
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आज इस article के जरिए हम जानने बाले है IPv4 और IPv6 क्या है और इनके बीच की अंतर क्या है? (Difference between IPv4 and IPv6 in Hindi) देखिए दोस्तों, IPv4 और IPv6 दोनों ही IP Address के version हैं। IPv4 32 bit का address है जबकि IPv6 128 bit का address है। IPv4 address से सिर्फ 4 बिलियन devices को ही network के साथ connected किया जा सकता है जबकि IPv6 में 340 ट्रिलियन devices को network के साथ connected किया जा सकता है। IPv4 डाटा को सही तरह से Encrypted और Authenticated नहीं कर पाते है, और दूसरी तरफ IPv6 डाटा को सही तरह से Encrypted भी करते है और साथ ही साथ Authenticated भी करते है।

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IP Address क्या है – What is IP Address in Hindi ?

IP Address का Full From होता है Internet protocol Address। यह एक number है, जो आपकी device को आपके Network और दुनिया भर के अन्य Device से जोड़ने में मदद करता है। internet में इस IP address के through ही आपके device को identify किया जाता है।

आपको एक example देके समझाता हूँ – देखिए दोस्तों, आज के समय में हम सभी ने Online Shopping करते है । Online Shopping में क्या होता है? हम जब भी कोई product का order करते है तब company बाले हमारे से हमारा address लेते है क्यूंकि company बाले उस address मे ही हमारा product deliver करता है।

ठीक उसी किस्सा internet मे भी होता है हम जब भी कोई query google मे करते है तब google बाले हमारे से हमारा device की IP address लेते है (But बह address हमको manually देना नहीं परता है बह automatically ले लेता है ) और बाद मे google हमारे query को solve करके हमारे device की IP Address मे भेज देते है। और हम हमारे browser में उस query answer देख पाते है।

क्या आपको पता है Internet की शुरूयत कहाँ से हुआ? आपको अगर नहीं पता है तो आप नीच मे दी गई Notes को एकबार पढ़ो आपको पूरी तरह पता चल जाएगा Internet की पूरी इतिहास

IP address कितने प्रकार के होते है – Version of IP address in Hindi ?

IP address क्या है सायद आपको अछि तरह से समझ में आ गेआ है। अब हम जानेंगे IP address के Version। देखिए दोस्तों, दो Version के IP address हमे देखनेको मिलता है – एक Internet Protocol version 4 (IPv4) और दूसरा Internet Protocol version 6 (IPv6)।

Version of IP address in Hindi ?

IPv4 क्या है – What is IPv4 in Hindi

IPv4 का full form होता है Internet Protocol version 4। इस IP version 4 को बनाया गेआ था 1980 मे और अभी भी internet मे इस version का इस्तेमाल हो रहा है। IPv4 एक 32 bit का address है और इस Address कुछ इस तरह से दिखाई देता है- 172.16.254.1

, जिसे 4 भागों में विभाजित कर दशमलव से अलग किया जाता है। तथा प्रत्येक octet मे 0 से लेकर 255 तक numbers होती है। जिसमें प्रत्येक भाग 8 Bits का होता है। ipv4 decimal format मे होता है।

अगर हम बात करे IPv4 की, जो आजके समय मे internet पर use हो रहा है। उस IPv4 से केवल 4 बिलियन device को ही IP address दिया जा सकता है। आप सोच रहे हो यह संख्या बहुत है, किन्तु Modern World के लिए यह संख्या काफी नहीं है। आज के समय में प्रत्येक user के पास एक से ज्यादा डिवाइस मौजूद है, जोकि Internet का इस्तेमाल कर रहा है।

और पूरे world में 7 billon people रहता है। अगर प्रत्येक लोग एक भी डिवाइस का इस्तेमाल करें तब भी IPv4 100% people को IP Address प्रदान करने में सक्षम नहीं है। और इस problem को solve करने के लिए Implement किया गया है IPv6 की। जो धीरे धीरे Internet मे implement हो रहा है।

Version of IP address in Hindi ?

IPv4 के बारे में कुछ important बात –

  • IPv4 32-bit का address होता है ।
  • IPv4 कुछ इस तरह से दिखाई देता है- 172.16.254.1,
  • जिसको 4 भागों में विभाजित किया गेआ है।
  • तथा प्रत्येक octet मे 0 से लेकर 255 तक numbers होती है।
  • जिसमें प्रत्येक भाग 8 Bits का होता है।
  • ipv4 decimal format मे होता है।

आपको अगर Networking मे Extra Ordinary बनना है तो आप नीच मे दी गई notes को follow करो-

  1. ROUTER क्या है और काम कैसे करता है- WHAT IS A ROUTER IN HINDI
  2. NETWORK DEVICES IN HINDI- ROUTER, MODEM, SWITCH, REPEATER
  3. NETWORK क्या है और कितने प्रकारके होते है – WHAT IS NETWORK IN HINDI
  4. TCP/IP MODEL क्या है – TCP/IP MODEL IN HINDI ?
  5. OSI MODEL क्या है – OSI MODEL IN HINDI?
  6. TOPOLOGY क्या है ( TOPOLOGY IN HINDI) और कितने प्रकार के होते है ?

IPv6 क्या है – What is IPv6 in Hindi

IPv6 होता है एक 128 bit का address। IPv6 कुछ इस तरह से दिखाई देता है- 2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e:0370:7334। जिसे 8 भागों में विभाजित कर colon(:) से अलग किया जाता है। जिसमें प्रत्येक भाग 16 Bits का होता है। ipv6 hexadecimal format मे होता है। IP version 6 Support करता है करीब 340 ट्रिलियन address को। जो कि होता है 340 और उसके साथ 12 Zero(0)। इसका मतलब की अगर world के प्रत्येक इंसान लाखो device को internet के साथ Connect करता है तब भी IP address की कोई कमी नहीं होगी।

Version of IP address in Hindi ?

IPv6 के बारे में कुछ important बात –

  • IPv6 128-bit का address होता है ।
  • IPv6 कुछ इस तरह से दिखाई देता है- 2001:0db8:85a3:0000:0000:8a2e:0370:7334।
  • जिसको 8 भागों में विभाजित किया गेआ है।
  • IPv6 colon(:) से अलग किया जाता है।
  • जिसमें प्रत्येक भाग 16 Bits का होता है।
  • ipv6 Hexadecimal format मे होता है।
  • यह quality of service (QoS) Support करता है।

यह भी पढे

IPv4 और IPv6 के बीच की अंतर – Difference between IPv4 and IPv6 in Hindi

IPv4 और IPv6 दोनों ही IP Address के version हैं। और अब हम IPv4 और IPv6 के बीच की अंतर को जानने बाले है। देखिए दोस्तों, IPv4 32 bit का address है जबकि IPv6 128 bit का address है। IPv4 address से सिर्फ 4 बिलियन devices को ही network के साथ connected किया जा सकता है जबकि IPv6 में 340 ट्रिलियन devices को network के साथ connected किया जा सकता है। IPv4 डाटा को सही तरह से Encrypted और Authenticated नहीं कर पाते है, और दूसरी तरफ IPv6 डाटा को सही तरह से Encrypted भी करते है और साथ ही साथ Authenticated भी करते है।

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IPv4IPv6
IPv4 32-bit का address होता है ।IPv6 128-bit का address होता है ।
इस में Manual और auto DHCP address दोनों का configuration Supported मिलता है।और दूसरी तरफ इस में Manual DHCP address configuration तो supported नहीं है, किन्तु इसमे auto DHCP address configuration Supported है।
IPv4 4 billion यूनिक addresses को generate करता है.और दूसरी तरफ IPv6 340 ट्रिलियन यूनिक addresses को generate कर सकता है.
IPv4 की Security feature application के ऊपर depend रहता है।किन्तु IPv6 security feature IPv6 protocol में ही inbuilt रहता है।
IPv4 की address decimal format में है।IPv6 की address hexadecimal format में है।
IPv4 में checksum field available है।और IPv6 में checksum field available नहीं है।
इस address में broadcast Message Transmission Scheme available है।इस address में broadcast को छोर कर Any cast और Multicast Message Transmission Scheme available है।
IPv4 में डाटा की Encryption और Authentication facility available नहीं है।किन्तु IPv6 में Encryption और Authentication facility available है।
 
यह SNMP प्रोटोकॉल को support करता है.यह SNMP को सपोर्ट नहीं करता.
IPv4 की header 20-60 bytes का होता है।IPv4 की header 40 bytes का होता है।

Conclusion

उम्मीद करता हूँ, आप IPv4 और IPv6 क्या है और इनके बीच की अंतर को जानिए Difference between IPv4 and IPv6 in Hindi? इस notes को पूरा पढ़ने के बाद आपका सभी confusion clear हो गेया है और इस note से बोहत कुछ शिखने को मिला है। परन्तु यदि आपको इस पोस्ट में किसी जानकारी का अभाव लगता है या आपके पास इससे सम्बंधित कोई सवाल है. तो कृपया नीचे comment कर हमें जरूर बताये. आपके सुझाव हमारे लिए बहुत मायने रखते है. और एक बात आपको अगर किसी भी topic पर जानकारी चाहिए,जो अभी तक मैंने cover नहीं की तो आप नीच में comment करके बह topic बता सकते हो। आपका topic clear करने की मैं पूरा कोशिश करूंगा।


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