वर्चुअल मेमोरी क्या है और system में इसकी Importance को समझिए

How to work Virtual Memory in Hindi
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आज हम एक बहुत ही interesting topic के बारे में जानने बाले है, और बह topic है वर्चुअल मेमोरी। देखिए दोस्तों वर्चुअल मेमोरी एक ऐसा memory है जिसकी Importance system में महत्वपूर्ण है। किन्तु हम सब इस memory के काम के बारे में बेखबर है। और आज हम उसी मेमोरी के depth में जाएंगे और जानेंगे – Virtual Memory क्या है, Virtual Memory कैसे कार्य करता है, Virtual memory का benefit, Virtual Memory के नुक्सान, Virtual Memory और Physical Memory के बीच अंतर क्या है etc. तो चलिए शुरू करते है –

What is Virtual Memory in Hindi

Virtual Memory क्या होता है – What is Virtual Memory in Hindi

देखिए दोस्तों, virtual का अर्थ ही होता है आभासी। मतलब कुछ ऐसा जो मौजूद प्रतीत होता है लेकिन वास्तव में नहीं है। ठीक यह ही concept Virtual Memory का है। मतलब कंप्युटर में virtual memory तो है (C Drive) और काम में भी आ रहा है किन्तु physically में इस memory का कोई existence या अस्तित्व नहीं है

Virtual Memory in Hindi

Virtual Memory एक तरह के memory management technic है जहां पर secondary memory (HDD,SDD) का उपयोग कुछ इस तरह किया जाता है जैसे कि यह Main memory का एक हिस्सा हो। मतलब virtual memory basically Hard disk (HDD) का ही एक हिस्सा है जो virtually या Back end में main memory (RAM) का एक हिस्सा बनके काम रहा है। और system की performance को enhance कर रहे है।

देखिए दोस्तों, basically हमारे कंप्युटर में 4GB या 8GB Main memory (RAM) लगा हुआ रहता है। और आप अगर एक कंप्युटर की task processing की तरीका को जानते हो, तो आपको यह पता होगा हम जब कोई tasks कंप्युटर को देते है बह tasks RAM में load होता है। उसके बाद CPU के पास जाता है। किन्तु RAM में tasks load होने से पहले एक और process होता जो virtual memory execute करता है। जो हम नीच में देखेंगे –

वर्चुअल वास्तविकता का वर्तमान में क्या उपयोग है? या वर्चुअल मेमोरी का उदाहरण सहित समझाइए ?

:- वर्चुअल वास्तविकता को वर्तमान में कंप्युटर में इस्तेमाल किया जाता है, जो C Drive के नाम से जाना जाता है।

Related Notes

Virtual Memory कैसे कार्य करता है – How to work Virtual Memory in Hindi

Virtual memory क्या है सायद आपको समझ में आ गया है। अब हम इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानेंगे-

देखिए दोस्तों, Virtual memory एक memory management Technic है जो हम पहले ही जान चुके हैं। और इस memory management Technic की वजह से ही इस memory physical memory (RAM) की तरह काम करते हैं। RAM जिस तरह कार्य करता है इस memory भी ठीक उसी तरह कार्य करता है यह बात तो पूरी तरह सही नहीं है। किन्तु कुछ हद तक virtual memory RAM की तरह काम करता है।

Virtual Memory in Hindi

RAM किस तरह काम करता है बह हम सबको मालूम है। और आपको अगर नहीं मालूम है तो मैं short में बता देता हूं। हम जब भी कोई program या application को run करते हैं बह program पहले RAM load होता है, उसके बाद RAM process होने के लिए उस program को CPU के पास भेज देता है। किन्तु RAM में tasks load होने से पहले एक और process होता जो virtual memory execute करता है। virtual memory कैसे उस process को execute करता है बह हम थोरा बाद में जानंगे। पहले हम जानेंगे वर्चुअल मेमोरी अगर system में नहीं रहता तो क्या होता ?

अगर सिस्टम में वर्चुअल मेमोरी नहीं रहता तो हम multiple task को एकसाथ operate नही कर पाते थे। Multiple task मतलब system में एकसाथ MS word में कुछ करना, गाना सुनना, browsing करना etc. इन सब काम को हम एकसाथ नही कर पाते थे। क्योंकि इन सब running software’s के programing size बहुत बड़े amount में रहता है। आप सायद देखे होंगे software की actual size कितना ज्यादा होता है.

मैं इहाँ पर एक game का example देके समझाता हूँ। GTA 5 game

का नाम सायद आप तो सुने होंगे, उस game का actual size है 54 gb। और आप सोचिए इस game अगर किसी कंप्युटर में run होता है तो उस system में RAM 54gb से ऊपर होना चाहिए। क्यूंकी इस game का पूरा setup size 54 gb है और उस setup size जब RAM में जाकर load होगा तभी तो इस game run हो पाएगा। किन्तु इतना ज्यादा RAM तो हमारे system में नहीं रहता है और लगाना संभब भी नहीं है। आप अब बोलोगे तो कैसे इन सब application या game हमारे system में चलता है?

और इहाँ पर ही virtual memory का काम आता है। virtual memory क्या करता है उस बड़े बड़े applications की setup files को पहले आपने पास load करता है, उसके बाद उस application की कुछ important files (जो application को run करने के लिए जरूरत है उसको) RAM में load भेजता है। इससे RAM के ऊपर ज्यादा load नहीं आते है और RAM smoothly उस application को processor के पास भेज पाते है। और इसी कारण की बजह से ही हम Multiple task (MS word में कुछ करना, गाना सुनना, browsing करना etc.) को system में एकसाथ चला पाते है।

अगर आपको एकबार में सारा कुछ समझ में नहीं आ रहा है तो आप फिर से एकबार Virtual Memory कार्यक्रम को पढ़ लीजिए आसनिसे समझ में आ जाएगा।

वर्चुअल मेमोरी के लाभ – benefit of Virtual Memory in Hindi

अब हम जानेंगे Virtual Memory के कुछ specials benefits के बारे में। तो चलिए उसको जान लेते है –

  • इस memory main memory (RAM) के बहुत सारे addresses या Tasks को एकसाथ handle कर सकता है.
  • यह बहुत सारे applications को इस्तेमाल करने के लिए capable होता है. और साथ ही साथ सभी applications को simultaneously चलाने के लिए सक्षम होता है।
  • इस memory secondary memory से primary memory में डाटा को automatically moved करा देता है.
  • Virtual memory डाटा execute करने की क्षमता को बहुत गुना बड़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
  • कंप्युटर में इस virtual memory होने पर users को ज्यादा RAM खरीदना नहीं परता है।
  • virtual memory होने की बजह से ही हम बड़े बड़े applications को कंप्युटर में run कर पाते है।
  • इस memory users की डाटा को अछि तरह से security दे पता है क्यूंकी इस memory non-volatile है।
  • primary memory की कीमत से अगर तुलना की जाए तो इस memory का कीमत बहुत कम है.

Virtual Memory के नुक्सान – limitation of Virtual Memory in Hindi

  1. डाटा जब virtual memory से RAM में transfer होता है तब कंप्युटर का performance slow हो जाता है।
  2. virtual memory हमारे द्वारा दी गई task या application को switching करने में ज्यादा बक्त लेता है।
  3. कोई application अगर virtual memory से चल रहा है तो उस application धीमे चलते हैं
  4. virtual memory का space जितना मर्जी हो जाए system में अगर RAM कम है तो system का performance slow हो जाता है।
  5. virtual memory चूंकि hard disk का ही एक part है तो इसलिए user को hard disk के कम space use करने को मिलता है।
  6. वर्चुअल स्टोरेज का आकार सेकेंडरी स्टोरेज की मात्रा के साथ-साथ कंप्यूटर सिस्टम के साथ एड्रेसिंग स्कीम द्वारा सीमित है।
यह भी पढे –

Virtual Memory और Physical Memory के बीच अंतर क्या है – Virtual Memory vs Physical Memory in Hindi

क्या आप Virtual Memory और Physical Memory (RAM) के exact difference या अंतर को जानना चाहते हो तो में देखिए –

S.NO Physical MemoryVirtual Memory
Definition Physical Memory में असल में RAM है।Virtual Memory असल में एक memory management technic है जो Hard disk या SSD का हिस्सा है।
Approachयह swapping के लिए इस्तेमाल होता है।और दूसरी तरफ यह paging के लिए इस्तेमाल होता है।
Accessibility Physical Memory direct CPU को access कर सकता है।Virtual Memory direct CPU को नहीं access कर सकता है।
Size इसकी size RAM के ऊपर निर्भर करता है।इसकी size Hard disk के ऊपर निर्भर करता है।
Speed Physical Memory की speed Virtual Memory से काफी गुना ज्यादा होता है।और इसकी speed Physical Memory के कम होता है।

Conclusion

उम्मीद करता हूँ, आप वर्चुअल मेमोरी क्या है – What is Virtual Memory in Hindi? इस notes को पूरा पढ़ने के बाद आपका सभी confusion clear हो गेया है और इस note से बोहत कुछ शिखने को मिला है। परन्तु यदि आपको इस पोस्ट में किसी जानकारी का अभाव लगता है या आपके पास इससे सम्बंधित कोई सवाल है. तो कृपया नीचे comment कर हमें जरूर बताये. आपके सुझाव हमारे लिए बहुत मायने रखते है. और एक बात आपको अगर किसी भी topic पर जानकारी चाहिए,जो अभी तक मैंने cover नहीं की तो आप नीच में comment करके बह topic बता सकते हो। आपका topic clear करने की मैं पूरा कोशिश करूंगा।


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